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विशेषजà¥à¤žà¥‹à¤‚ के मà¥à¤¤à¤¾à¤¬à¤¿à¤• सिजेरियन डिलीवरी के बाद नाॅरà¥à¤®à¤² डिलीवरी संà¤à¤µ है। इसकी सफलता दर 60 से 80 फीसदी तक होती है। इसके बावजूद डाॅकà¥à¤Ÿà¤° सिजेरियन डिलीवरी के बाद नाॅरà¥à¤®à¤² डिलीवरी की सलाह नहीं देते हैं। à¤à¤¸à¤¾ इसलिठकà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि सिजेरियन डिलीवरी के बाद नाॅरà¥à¤®à¤² डिलीवरी के दौरान गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ के फटने का जोखिम काफी जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ होता है।
सिजेरियन और नाॅरà¥à¤®à¤² डिलीवरी के बीच कà¥à¤¯à¤¾ अंतर है?
योनि के जरिये होने वाला सामानà¥â€à¤¯ पà¥à¤°à¤¸à¤µ शिशॠके जनà¥â€à¤® दिलवाने की पà¥à¤°à¤¾à¤•तिक पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ है। आपकी गà¥à¤°à¥€à¤µà¤¾ पतली होकर खà¥à¤²à¤¤à¥€ है और आपका गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ संकà¥à¤šà¤¿à¤¤ होकर शिशॠको नीचे पà¥à¤°à¤¸à¤µ नलिका में धकेलता है और वह योनि से बाहर आता है।
सिजेरियन ऑपरेशन या सी सेकà¥â€à¤¶à¤¨ शिशॠको जनà¥â€à¤® दिलावाने की सरà¥à¤œà¤¿à¤•ल पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ है। इसमें शिशॠका जनà¥â€à¤® योनि कि बाजाय मां के पेट में चीरा लगाकर करवाया जाता है। यह पेट का à¤à¤• बड़ा ऑपरेशन होता है। सिजेरियन ऑपरेशन दो तरह का हो सकता है
पूरà¥à¤µà¤¨à¤¿à¤¯à¥‹à¤œà¤¿à¤¤ सी-सेकà¥â€à¤¶à¤¨
आपातकाल सी-सेकà¥â€à¤¶à¤¨
नाॅरà¥à¤®à¤² डिलीवरी या सिजेरियन ऑपरेशन में से कà¥à¤¯à¤¾ बेहतर है?
इस सवाल का कोई जवाब नहीं है कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि यह बात कई कारकों पर निरà¥à¤à¤° करती है।
हालांकि, सिजेरियन ऑपरेशन à¤à¤• आम पà¥à¤°à¤•िया है, मगर यह à¤à¤• बड़ा ऑपरेशन होता है और इसीलिठइसमें कà¥à¤› जोखिम à¤à¥€ होते हैं। यही वजह है कि जब तक चिकितà¥à¤¸à¤•ीय कारणों से सिजेरियन करना जरà¥à¤°à¥€ न हो, तब तक डॉकà¥à¤Ÿà¤° इसकी सलाह नहीं देते।
यदि आपकी गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ या पà¥à¤°à¤¸à¤µ में कोई जटिलता नहीं है, तो नॉरà¥à¤®à¤² डिलीवरी से शिशॠको जनà¥à¤® देना सिजेरियन ऑपरेशन की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में अधिक सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ होता है। यह बात केवल आपकी पहली पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी में लागू नहीं होती, बलà¥à¤•ि आगे की गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾à¤“ं के लिठà¤à¥€ यह सच है। à¤à¤µà¤¿à¤·à¥à¤¯ में आपकी पà¥à¤°à¤œà¤¨à¤¨ कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ के लिठà¤à¥€ योनि के जरिये पà¥à¤°à¤¸à¤µ बेहतर रहता है।
कई बार माठया शिशॠकी जान बचाने के लिठसिजेरियन ऑपरेशन करना जरà¥à¤°à¥€ होता है। à¤à¤¸à¥‡ मामलों में निसà¥à¤¸à¤‚देह सिजेरियन डिलीवरी का विकलà¥à¤ª ही आपके और आपके शिशॠके लिठसबसे सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ है।
यदि आपका पà¥à¤°à¤¸à¤µ पà¥à¤°à¥‡à¤°à¤¿à¤¤ किया गया था, और यह आगे न बढ़ रहा हो तो à¤à¤¸à¥€ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में डॉकà¥à¤Ÿà¤° आपको सी-सेकà¥à¤¶à¤¨ करवाने की सलाह दे सकती हैं। वे यह निरà¥à¤£à¤¯ आपकी सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ का जायजा लेने के बाद ही लेंगी। वे यह देखेंगी कि आपका शिशॠसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ का सामना कितने बेहतर ढंग से कर पा रहा है। पà¥à¤°à¤¸à¤µ के दौरान शिशॠके दिल की धड़कन पर नजर रखकर डॉकà¥à¤Ÿà¤° यह जान पाती हैं कि गरà¥à¤ में शिशॠकी सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ कैसी है।
कà¥à¤› मामलों में डॉकà¥à¤Ÿà¤° पà¥à¤°à¤¸à¤µ पà¥à¤°à¥‡à¤°à¤¿à¤¤ करवाने या सिजेरियन डिलीवरी करवाने का निरà¥à¤£à¤¯ आप पर छोड़ सकती हैं। पà¥à¤°à¤¸à¤µ पà¥à¤°à¥‡à¤°à¤¿à¤¤ करवाने की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में डिलीवरी के दौरान उपकरणों की सहायता जैसे कि फोरसेपà¥à¤¸ या वैकà¥à¤¯à¥‚म डिलीवरी की जरà¥à¤°à¤¤ पड़ सकती है, और इनके अपने जोखिम होते हैं। इसलिठआप और आपकी डॉकà¥à¤Ÿà¤° को इन जोखिमों की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ सिजेरियन डिलीवरी के जोखिमों से करनी होगी और फिर निरà¥à¤£à¤¯ लेना होगा।
कई बार सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ à¤à¤¸à¥€ होती है कि कोई सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ निरà¥à¤£à¤¯ नहीं लिया जा सकता। à¤à¤¸à¥‡ में आप और आपकी डॉकà¥à¤Ÿà¤° को सिजेरियन डिलीवरी के फायदे और नà¥à¤•सान के बारे में चरà¥à¤šà¤¾ करनी होगी और निरà¥à¤£à¤¯ लेना होगा कि आपके लिठकà¥à¤¯à¤¾ सही रहेगा।
हो सकता है अपनी डà¥à¤¯à¥‚ डेट से काफी पहले आपको इस बारे में निरà¥à¤£à¤¯ लेने का समय मिल जाठया फिर संà¤à¤µ है कि पà¥à¤°à¤¸à¤µ के दौरान आपको यह फैसला लेना हो। इसलिठआपको सà¤à¥€ फायदे और नà¥à¤•सान के बारे में पूरी जानकारी होनी चाहिà¤, ताकि आप उसके अनà¥à¤¸à¤¾à¤° खà¥à¤¦ को तैयार कर सकें।
आपकी सामानà¥à¤¯ सेहत और जीवनशैली à¤à¥€ इस निरà¥à¤£à¤¯ को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करेगी। आपको सिजेरियन ऑपरेशन के बाद जटिलताà¤à¤‚ होने का उचà¥à¤š खतरा रहता है, यदि:
आपका वजन सामानà¥à¤¯ से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ है
आपके पेट पर पहले à¤à¥€ कोई ऑपरेशन हो चà¥à¤•ा है
आपके साथ पहले से ही कोई सà¥à¤µà¤¾à¤¥à¥à¤¯ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ है, जैसे कि हृदय रोग आदि।
नाॅरà¥à¤®à¤² डिलीवरी में जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ दरà¥à¤¦ होता है या सिजेरियन डिलीवरी में?
पà¥à¤°à¤¸à¤µ का दरà¥à¤¦ कैसा होता है इसे तब तक समà¤à¤¾ नहीं जा सकता जब तक आपने खà¥à¤¦ शिशॠका जनà¥à¤® न दिया हो - गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ की तरह ही, हर महिला का पà¥à¤°à¤¸à¤µ का अनà¥à¤à¤µ à¤à¥€ अलग होता है।
आपने पà¥à¤°à¤¸à¤µ पीड़ा के बारे में बहà¥à¤¤ कà¥à¤› सà¥à¤¨ रखा होगा, मगर सिजेरियन डिलीवरी का मà¥à¤–à¥à¤¯ नकारातà¥à¤®à¤• पहलू ऑपरेशन के बाद होने वाला दरà¥à¤¦ है - आॅपरेशन के दौरान होने वाला नहीं।
ऑपरेशन के बाद शायद कà¥à¤› घंटों तक आपको डà¥à¤°à¤¿à¤ª लगी रहेगी, ताकि आपको जरà¥à¤°à¤¤ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° दरà¥à¤¦à¤¨à¤¿à¤µà¤¾à¤°à¤• दवाà¤à¤‚ दी जा सकें।
ऑपरेशन के बाद शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ कà¥à¤› दिनों तक आपको चीरे के घाव में दरà¥à¤¦ रहेगा और पहले à¤à¤•-दो हफà¥à¤¤à¥‡ तक पेट पर असहजता महसूस होगी। धीरे-धीरे आपका शरीर ऑपरेशन से उबरता है।
ऑपरेशन के बाद कà¥à¤› समय तक आपको दरà¥à¤¦ निवारक दवाà¤à¤‚ लेनी होंगी। नॉरà¥à¤®à¤² डिलीवरी की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में सी-सेकà¥à¤¶à¤¨ से उबरने में जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ समय लगता है।
कà¥à¤› महिलाओं को सिजेरियन के बाद बहà¥à¤¤ तेज सिरदरà¥à¤¦ होता है। पीठके निचले हिसà¥à¤¸à¥‡ में à¤à¤ªà¤¿à¤¡à¥à¤¯à¥‚रल या सà¥à¤ªà¤¾à¤‡à¤¨à¤² लगने वाली जगह पर और गरà¥à¤¦à¤¨ में à¤à¥€ दरà¥à¤¦ रहता है। यदि आपको कोई दरà¥à¤¦ हो तो इस बारे में डॉकà¥à¤Ÿà¤° को बताà¤à¤‚। वे आपकी दवाओं में बदलाव करके आपको राहत दिलाने का पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ कर सकती हैं।
बहà¥à¤¤ सी माà¤à¤à¤‚ पà¥à¤°à¤¸à¤µ पीड़ा से बचने के लिठसिजेरियन करवाना चाहती हैं, मगर यह धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखें कि नॉरà¥à¤®à¤² डिलीवरी में होने वाला दरà¥à¤¦ आमतौर पर कम अवधि के लिठहोता है, जबकि सिजेरियन के बाद काफी समय तक दरà¥à¤¦ रहता है।
सी-सेकà¥à¤¶à¤¨ डिलीवरी का असर ​कà¥à¤› समय तक आपके रोजमरà¥à¤°à¤¾ के काम पर à¤à¥€ पड़ सकता है। कà¥à¤› महिलाओं को ऑपरेशन के कà¥à¤› महीनों बाद तक à¤à¥€ पेट पर असहजता रह सकती है।
अगर गरà¥à¤à¤¨à¤¾à¤² शिशॠकी गरà¥à¤¦à¤¨ में लिपटी हो तो नाॅरà¥à¤®à¤² डिलीवरी होगी या सी-सेकà¥à¤¶à¤¨?
यह सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ पर निरà¥à¤à¤° करता है।
अगर शिशॠकी गरà¥à¤à¤¨à¤¾à¤² उसकी गरà¥à¤¦à¤¨ के चारों तरफ लिपट जाती है (नà¥à¤¯à¥‚कल काॅरà¥à¤¡ ) तो शायद आपको पता चलने से पहले ही डाॅकà¥à¤Ÿà¤° इस मामले को सà¥à¤²à¤à¤¾ लेंगी। यह सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ काफी आम है और इससे आपको या शिशॠको कोई नà¥à¤•सान पहà¥à¤‚चने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ काफी कम होती है।
नà¥à¤¯à¥‚कल काॅरà¥à¤¡ अकà¥à¤¸à¤° जनà¥à¤® के दौरान बिना किसी दिकà¥à¤•त के आसानी से निकल जाती है। हालांकि, यदि डाॅकà¥à¤Ÿà¤° को शिशॠगरà¥à¤¦à¤¨ के चारों तरफ काॅरà¥à¤¡ लिपटी होने का पता तब चले जब जनà¥à¤® के दौरान शिशॠका सिर बाहर आ चà¥à¤•ा हो तो वे इसे आसानी से ठीक कर लेंगी। वे गरà¥à¤à¤¨à¤¾à¤² को थोड़ा ढीला करेंगी ताकि उसके कंधे इससे बाहर निकल सकें या वे इसे उसके सिर से निकाल देंगी।
दो à¤à¤¸à¥€ दà¥à¤°à¥à¤²à¤ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ हैं जिसमें शिशॠके गले में गरà¥à¤à¤¨à¤¾à¤² लिपटी होना चिंता का विषय हो सकता हैः अगर गरà¥à¤à¤¨à¤¾à¤² शिशॠकी गरà¥à¤¦à¤¨ में बहà¥à¤¤ कसकर लिपटी हà¥à¤ˆ है
अगर किसी वजह से गरà¥à¤à¤¨à¤¾à¤² में रकà¥à¤¤ का पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¹ बाधित हो रहा है
अगर गरà¥à¤à¤¨à¤¾à¤² शिशॠकी गरà¥à¤¦à¤¨ में कसकर लिपटी हà¥à¤ˆ हो तो डाॅकà¥à¤Ÿà¤° जनà¥à¤® के दौरान शिशॠके कंधे बाहर निकलने से पहले ही गरà¥à¤à¤¨à¤¾à¤² पर चिपटी लगाकर काट देंगी। हालांकि, इसकी जरूरत बहà¥à¤¤ कम ही पड़ती है।
डाॅकà¥à¤Ÿà¤° आपके शिशॠपर नजदीकी निगरानी रखेंगी और यदि गरà¥à¤à¤¨à¤¾à¤² में रकà¥à¤¤ पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¹ से संबंधित कोई समसà¥à¤¯à¤¾ हà¥à¤ˆ तो इसका पता वे शिशॠके दिल की धड़कन से लगा लेंगी। संकà¥à¤šà¤¨ के दौरान कई बार गरà¥à¤à¤¨à¤¾à¤² दब जाती है, जिसकी वजह से कà¥à¤› समय के लिठशिशॠकी धड़कन कम हो सकती है।
यदि शिशॠपर निगरानी के दौरान यदि कोई अनà¥à¤¯ समसà¥à¤¯à¤¾ नहीं है तो आपका पà¥à¤°à¤¸à¤² बिना किसी चिकितà¥à¤¸à¤•ीय दखल के जारी रहेगा।
हालांकि, धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखें कि यदि शिशॠसंकट में हो (फीटल डिसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤¸) या कोई और जटिलताà¤à¤‚ हों तो आपातकाल सिजेरियन डिलीवरी करवाना शिशॠको जनà¥à¤® दिलवाने का सबसे सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ तरीका है। आपकी डाॅकà¥à¤Ÿà¤° तय करेंगी कि आपके लिठसबसे बेहतर विकलà¥à¤ª कà¥à¤¯à¤¾ रहेगा।
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